लेखनी कहानी -18-Sep-2022

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सोच  सोच समंदर  गहरा भी  सिमटा हुआ भी . सोच समंदर  उफनती लहरें  किनारा है दूर . सोच समंदर  डुबाये उबारे  गतिमान करे . सोच समंदर  समय का पहिया , छोड़ा ...

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